Wednesday, 6 February 2013

~** हाइकु ~धूप कहाँ हो तुम ...??? **~



शीत ऋतु में
बारिश की बौछारें..
चुभें शूल सी...!


सूर्य देवता
बादलों की ओट में     
क्यूँ छिपे तुम... ?

सर्द लहर,
ठिठुरती है काया.. 
धूप कहाँ हो ?

 मेघ गर्जना
सर्द सोए दिन में
ज़रा ना भाए...!

5. दिन सिहरा
बादलों की चादर
छिड़कें बूँदें...!

16 comments:

  1. सुन्दर हाइकू |
    शुभकामनायें ||

    ReplyDelete
  2. मौसम की विपरीतता को बखूबी बयान किया है, बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

    ReplyDelete
  3. मेरी टिप्पणी कहाँ गयी ? :(:(

    ReplyDelete
  4. सर्द मौसम
    फरवरी माह
    ठिठुरे तन .... सभी हाइकु सुंदर

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया...
    भीगे भीगे हायकू....

    सस्नेह
    अनु

    ReplyDelete
  6. धूप की खोज बड़ी प्यारी है ...

    ReplyDelete
  7. Bahut sundar...
    http://ehsaasmere.blogspot.in/2013/02/blog-post.html

    ReplyDelete
  8. वाह ... बेहतरीन हाइकू

    ReplyDelete
  9. बहुत ही बेहतरीन हाइकु
    शानदार...
    :-)

    ReplyDelete
  10. सराहना व प्रोत्साहन के लिए आप सभी गुणी जनों का हार्दिक आभार!:-)
    ~सादर!!!

    ReplyDelete
  11. वातावरण प्रधान हाइकु भावजगत को शब्द चित्र में पिरोते हुए .शुक्रिया आपकी टिपण्णी का .

    ReplyDelete
  12. badalte mousam ki sundar abhivyakti..

    ReplyDelete
  13. बढ़िया भीगे भीगे हायकू /////

    ReplyDelete
  14. बहुत बढि़या कविता/लेखन हैं- सारिक खान

    http://sarikkhan.blogspot.in/

    ReplyDelete
  15. दिन सिहरा
    बादलों की चादर
    छिड़कें बूँदें...!

    बेहतरीन हाइकू.

    ReplyDelete