Thursday, 12 July 2012

* ज़िंदगी और मैं... *


मैं आगे..., ज़िंदगी मेरे पीछे चलती रही...


रेशमी ख्वाबों के, मखमली एहसासों के अनमोल लम्हे....
अपनी साँसों में लपेट....हर मोड़ पर सहेज ..
मैं उसको थमाती रही...!


अब...
ज़िंदगी आगे..., मैं पीछे चलती हूँ....,


वक़्त के तक़ाज़ों की... बेरहम धूप में....
बेज़ार, बेजान सी मैं...जब हाँफने लगती हूँ...,
बैठ जाती हूँ...सुक़ून से... यादों की छाँव में....
लम्हा लम्हा गिनती हूँ .... साँसें साँसें चुनती हूँ...!!!.   

35 comments:

  1. आखिरी पैरा बहुत बहुत अच्छा लगा मैम!


    सादर

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया यशवंत जी ! :)

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  2. कल 13/07/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  3. bohot bohot sundar...pad kar bohot aacha laga..

    keep going....

    http://apparitionofmine.blogspot.in/
    http://meandwords.blogspot.in/

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    1. Thank u so much...Noopur ji !!! :-)

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  4. वक्त के तकाजे कभी कभी रुला देते हैं ... सासों कों समेटने नहीं देते ...उम्दा नज़्म ...

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    1. तहे दिल से शुक्रिया....

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  5. कभी ज़िन्दगी आगे और कभी 'वो' लगे आगे ,
    पीछे पीछे तो बस मैं और मेरी किस्मत |

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    1. अमित श्रीवास्तव जी...धन्यवाद! :)

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  6. बस यही आगे पीछे चलाने वाली ज़िंदगी .... सुंदर प्रस्तुति

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  7. बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
    आपकी प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (14-07-2012) के चर्चा मंच पर लगाई गई है!
    चर्चा मंच सजा दिया, देख लीजिए आप।
    टिप्पणियों से किसी को, देना मत सन्ताप।।
    मित्रभाव से सभी को, देना सही सुझाव।
    शिष्ट आचरण से सदा, अंकित करना भाव।।

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  8. बहुत बहुत धन्यवाद....शास्त्री सर!
    अहोभाग्य हमारे ! पधारे आप हमारे लम्हों के गाँव,
    देख टिप्पणी स्नेहभरी ...ज़मीं पर टिकते नहीं हमारे पाँव!
    कामना यही, यही हमारे लेखन का आधार...
    छत्रछाया में आपकी आकर...निखरे हमारी कलम,
    सीधी-सच्ची बात करेंगे ,न करेंगे निराश आपको हम !
    सादर !

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  9. एक भाव पूर्ण रचना..

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    1. धन्यवाद....यशोदा जी ! :)

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  10. wah wah wah.....man ko bha gayi apki kavita

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया...अना जी !!! :)

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  11. shukr hai yadon ki chhanv to hai. jindgi kat hi jayegi fir to.

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  12. लम्हा लम्हा गिनती हूँ .... साँसें साँसें चुनती हूँ...!!!
    बहुत उम्दा रचना.....!!

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  13. वाह मज़ा आ गया, बेहतरीन रचना

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  14. लम्हा लम्हा गिंनती रही,चुनती रही मै साँस,
    वक्त तकाजा कर रहे, लिए यादों की मै आस,,,,,,,

    बहुत सुंदर प्रस्तुति,,,,

    RECENT POST...: राजनीति,तेरे रूप अनेक,...

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  15. छोटी सी सुन्दर सी कविता

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  16. सुंदर अभिव्यक्ति....
    सादर।

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  17. बेहद सुन्दर भाव लिए खुबसूरत रचना है.
    क्या लिखा है आपने.बस बार बार पढता ही चला गया.
    मै आज ही यहाँ आया और आकर यहीं पर खो गया.


    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

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  18. बहुत ही बेहतरीन रचना....
    मेरे ब्लॉग

    विचार बोध
    पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  19. ज़िंदगी की एक यह भी हकीकत है
    कभी हम आगे चलते हैं तो कभी ज़िंदगी.
    भावपूर्ण रचना.

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  20. अत्यंत ही भाव पूर्ण अत्यंत सहज एवं कोमल अभिव्यक्ति ..आभार एवं शुभ कामनाएं !!!

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  21. behtareen...intekhab.thanks for sharing anita jii.

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  22. इस रचना को सराहने का और हौसला-अफज़ाई का ....आपका सभी का तहे दिल से शुक्रिया और बहुत बहुत आभार !!! :-)

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  23. Delightfully lyrical . (Hindi Lippi na likhane ki mazrat chahunga )

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  24. surinder nath ji....आपका तहे दिल से शुक्रिया !!!:)

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